प्रकृति हमारी मां, संरक्षण में जनभागीदारी ही सफलता की कुंजी: योगी


लखनऊ, 21 मार्च (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राष्ट्रीय वानिकी संवाद के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और प्रकृति संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को “मां” का दर्जा दिया गया है और हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह धरती के संरक्षण के लिए आगे आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे समय में वनों का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने वैदिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि “माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः” की भावना हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलने की प्रेरणा देती है।
योगी ने कहा कि जब कोई अभियान जन आंदोलन बनता है, तभी वह सफल होता है। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ पौधरोपण इसी जनभागीदारी के कारण संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि वनाच्छादन अब लगभग 10 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और इसे 16-17 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
वन महोत्सव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले जहां 5.5 करोड़ पौधे लगाए जाते थे, वहीं अब एक ही दिन में 37 करोड़ पौधरोपण का रिकॉर्ड बना है। इस वर्ष 35 से 45 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल एक रामसर साइट थी, जो अब बढ़कर 11 हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य इसे 100 तक पहुंचाने का है। ये साइट्स पर्यटन, जैव विविधता और जल संरक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां कार्बन फाइनेंस प्रोजेक्ट के तहत किसानों को कार्बन क्रेडिट के लिए धनराशि दी गई है। साथ ही मानव-वन्य जीव संघर्ष को आपदा की श्रेणी में शामिल कर एक नई पहल की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कार्बन नेट-जीरो लक्ष्य को हासिल करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू की गई है। साथ ही अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है और 17 अन्य नगर निगमों को भी इसी दिशा में तैयार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री की “पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के तहत प्रदेश में 4 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 1,400 मेगावाट से अधिक है। आने वाले पांच वर्षों में 22,000 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
योगी ने कहा कि 100 वर्ष से अधिक पुराने पेड़ों को “विरासत वृक्ष” के रूप में संरक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कॉफी टेबल बुक को अधिक से अधिक संस्थानों तक पहुंचाने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की भी अपील की।

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