एटा में मिली प्राचीन जैन प्रतिमा इलाहाबाद संग्रहालय में रखी जाए : उच्च न्यायालय


प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एटा में खोदाई के दौरान मिली 9वीं.10वीं शताब्दी की जैन प्रतिमा को सुरक्षित अभिरक्षा के लिए इलाहाबाद संग्रहालय में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।

         न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।

    प्रतिमा स्थानीय पुलिस की अभिरक्षा में है। इसकी पहचान को लेकर जैन समुदाय के दिगंबर और श्वेतांबर पंथ के बीच विवाद चल रहा है। दोनों ही पक्ष इसे अपने संप्रदाय से संबंधित बताकर दावा पेश कर रहे हैं। दिगंबर जैन सभा और श्री जैन श्वेतांबर महासभा उत्तर प्रदेश ने अलग.अलग याचिकाएं दायर की थीं।

        न्यायालय ने एटा के जिलाधिकारी को आदेश दिया है कि 11 अप्रैल तक प्रतिमा को इलाहाबाद संग्रहालय के निदेशक या प्रभारी निदेशक को सौंप दें। संग्रहालय में पहुंचने के बाद इसको आम जनता के दर्शन के लिए उचित स्थान पर रखा जाएगा। इसकी सही पहचान और उसके संप्रदाय का निर्धारण करने के लिए हाईकोर्ट ने एक विशेषज्ञ टीम भी गठित करने का आदेश दिया है।

      यह टीम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के साथ समन्वय बनाकर प्रतिमा के स्वरूपए उसकी प्रकृतिए काल और विशेष रूप से जैन पंथों से इसके संबंध का गहन अध्ययन करेगी। इसके बाद तीन महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेगी। 13 अप्रैल को मामले की सुनवाई होगी।

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