सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक सार्थक कदम है: बलबीर गिरि


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी)  श्रीरामनवमी के अवसर पर इलाहाबाद के संग्रहालय मे  भगवान श्रीराम को समर्पित काष्ठ निर्मित प्रतिमा  और रामजन्म पाण्डुलिपि  की  प्रदर्शनी कि पहल हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक सार्थक कदम है। 

      रामनवमी के अवसर पर इलाहाबाद संग्रहालय की पाक्षिक प्रदर्शनी श्रृंखला के अंतर्गत भगवान श्रीराम को समर्पित काष्ठ निर्मित प्रतिमा एवं  रामजन्म पाण्डुलिपि प्रदर्शनी का शुभारंभ गुरुवार को किया गया |

       राजकीय पाण्डुलिपि पुस्तकालय , प्रयागराज के सहयोग से संग्रहालय के केंद्रीय कक्ष में बाघंबरी गद्दी और प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर के महंत बलबीर गिरी जी द्वारा उद्घाटन किया गया।  महंत गिरि ने कहा कि यह पहल हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक सार्थक कदम है। उन्होंने सभी से भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेते हुए मर्यादा , सत्य , त्याग एवं आदर्श आचरण अपनाने का आह्वान किया।

     उन्होंने कहा कि राम यानी, सत्य और पराक्रम का संगम, राम यानी, धर्म पथ पर चलने वाला व्यक्तित्व, राम यानी, जनता के सुख को सर्वोपरि रखना। राम हमारे संस्कार हैं, हमारी आस्था हैं, और जीवन को सही दिशा देने वाली अमिट प्रेरणा |

     प्रभु श्रीराम का जीवन हमें सदैव धर्म के मार्ग पर चलने तथा समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, विनम्रता और मानवता के प्रति प्रेम बनाए रखने की सीख देता है, जो एक आदर्श समाज और चरित्र निर्माण के लिए शाश्वत प्रकाश स्तंभ है।

     महंत ने कहा कि  प्रभु श्रीराम का जीवन हमें सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने की सीख देता है। हर परिस्थिति में धैर्य, मर्यादा और समभाव के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। उनकी कृपा से लोगों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।

     इस अवसर पर मंडलायुक्त एवं निदेशक संग्रहालय सौम्या अग्रवाल ने काष्ठ कला से निर्मित प्रतिमा को हमारे प्राचीन शिल्प कौशल की उत्कृष्टता का प्रतीक बताया तथा रामजन्म से संबंधित पाण्डुलिपि को हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा एवं साहित्यिक विरासत का अमूल्य हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल को नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने तथा उनमें अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना विकसित करने वाला बताया गया।


  इस अवसर पर डॉ संजू मिश्रा , सहायक संग्रहाध्यक्ष , प्रदर्शनी प्रभारी डॉ अजय कुमार मिश्र , डॉ  राजेश कुमार मिश्र , डॉ वामन वानखेड़े ,  सुनील कुमार पाण्डेय,  श्रीमती सोनिका तिवारी , श्री शशांक त्रिपाठी सहित संग्रहालय के अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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