शंकराचार्य प्रकरण में आरएसएस द्वारा मध्यस्थता करने की अपील


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी ) श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेज़ फलाहारी महाराज ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर  शंकराचार्य अविमुक्तेस्वरानंद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच के विवाद किसी प्रकार से समाप्त करवाने का अनुरोध किया है।

        उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि शंकराचार्य महाराज और योगी महाराज दोनों ही सनातनी संस्कृति के ध्वजवाहक हैं । कुछ दिनों से दोनों संतों में आपसी फूट को देख कर  समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेसी नेता शंकराचार्य के बहाने हिंदुओं को आपस में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने लिखा है आर एस एस ने हमेशा हिंदुओं को जोड़ने का प्रयास किया है, यदि संघ नहीं होता तो देश का कई बार विभाजन हो गया होता ।

     फलाहारी महाराज ने कहा कि आप संघ प्रमुख हैं,  आप ही कोई ऐसा रास्ता खोजने का प्रयास करें जिससे  दोनों सनातनी संत  आपस में नहीं उलझें।

शंकराचार्य और मुख्यमंत्री का आपसी मन मुटाव दूर हो जाय तो सनातनी एकता को क्षति नहीं होगी। संपूर्ण भारत में सभी साधु संत आपके सुझाव को गंभीरता पूर्वक अपने हृदय में धारण करते हैं।

     उन्होंने अपने पत्र मे लिखा है दुराचारी आशुतोष ब्रह्मचारी बहुत ही आपराधिक विचारधारा का हिस्ट्रीशीटर है। वह सनातन धर्म की सर्वोच्च पीठ को कलंकित करने का प्रयास कर रहा है। हिस्ट्रीशीटर आशुतोष  को भी जेल में भिजवाएं जिससे सनातनी हिंदुओं में व्याप्त रोष कम हो सकेगा ।

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