बालिकाओं की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता जरूरी : आनंदीबेन


लखनऊ, 6 मार्च (वार्ता) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ‘केजी टू पीजी’ की अवधारणा को प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष के बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत नामांकन और छह वर्ष की आयु के सभी बच्चों को कक्षा एक में दाखिला दिलाने के लिए समन्वित प्रयास होने चाहिए।

शुक्रवार को जन भवन में राज्यपाल से कर्नाटक और त्रिपुरा राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों के 21 सदस्यीय दल ने शिष्टाचार भेंट की। यह प्रतिनिधिमंडल प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के अधिकारियों के नेतृत्व में लखनऊ पहुंचा था। इस अवसर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में राज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई विषयों पर अपने अनुभव साझा किए।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा में ड्रॉपआउट दर कम करने और बालिकाओं की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता और प्रोत्साहन दोनों जरूरी हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को समाज से जोड़ने की पहल का भी जिक्र किया और बताया कि कई विश्वविद्यालयों ने गांवों को गोद लेकर वहां स्वच्छता, वृक्षारोपण और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम शुरू किए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए बालिकाओं और महिलाओं का एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा टीबी उन्मूलन के लिए भी व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण के विषय में राज्यपाल ने कहा कि जब महिलाएं अपनी क्षमता को पहचान लेती हैं तो वे समाज में नेतृत्व की भूमिका निभाने लगती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाने से बाल विवाह और दहेज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने में मदद मिल सकती है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने शिक्षा, आंगनवाड़ी व्यवस्था, शिक्षक भर्ती, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक मुद्दों से जुड़े कई सवाल भी पूछे, जिनका राज्यपाल ने विस्तार से उत्तर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को राजभवन द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का सेट भेंट किया गया।

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