डिजिटल और एआई संवर्धित प्रणालियों के युग में भी हाथ से लिखे शब्द रचनात्मक शक्ति , सकारात्मकता और संवेदनशीलता ढूढ़ने की प्रेरणा देते हैं: नरेश पाल सिंह


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी )  आज के डिजिटल और एआई संवर्धित प्रणालियों के युग में भी हाथ से लिखे हुए शब्द हमें अपने अंदर की रचनात्मक शक्ति , सकारात्मकता और संवेदनशीलता को ढूंढने और संजोए रखने की प्रेरणा देते हैं।                                             

क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की  शुक्रवार को  उ म रे  के मुख्यालय में हुई बैठक में महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह  ने  अधिकारियों को संबोधित करते हुए  कहा कि आज के डिजिटल और एआई संवर्धित प्रणालियों के युग में भी हाथ से लिखे हुए शब्द हमें अपने अंदर की रचनात्मक शक्ति , सकारात्मकता और संवेदनशीलता को ढूंढने और संजोए रखने की प्रेरणा देते हैं। इसलिए समय के साथ चलते हुए हमें उस जीवंत परंपरा को भी संरक्षित रखना चाहिए क्योंकि वे अक्षर एवं शब्द हमारे व्यक्तित्व की असली छाप होते हैं।

श्री सिंह ने कहा कि हमें पूरी कर्तव्य भावना के साथ राजभाषा हिंदी का प्रयोग.प्रसार करना चाहिए और राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित विभिन्न प्रावधानों को लागू करने के लिए गृह मंत्रालय एवं  रेलवे बोर्ड स्तर से प्राप्त सभी आदेशो  , निर्देशों , कार्यक्रमों आदि पर पूरी तत्परता से कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर यात्री एवं ग्राहक सेवा और सुविधाओं से संबंधित सूचनाओं तथा अन्य सभी मदों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अनिवार्य रूप से प्रयोग किया जाए तथा इन्हें हिंदी. अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रदर्शित किया जाए और निरंतर निरीक्षण कर पाई गई कमियों को दूर कराया जाए।

उमरे के  महाप्रबंधक ने कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट हिंदी में बनाए जा रहे हैं। इन्हें सभी स्तर पर हिंदी में बनाया जाना सुनिश्चित किया जाए। सभी विभागाध्यक्षों और अधिकारियों को सभी प्रकार के पत्राचार , टिप्पणियों, डिक्टेशन विभागीय कार्यवाहियों आदि की मदों में हिंदी अथवा हिंदी.अंग्रेजी द्विभाषी के प्रयोग में हासिल प्रगति को बनाए रखने और अपेक्षित लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए।

श्री सिंह ने निर्देश दिए कि संरक्षा ,परिचालन यांत्रिक सिग्नल तथा बिजली विभाग सहित सभी विभागों द्वारा रेल संचालन से संबंधित सभी प्रपत्र , निर्देशों को  हिंदी. अंग्रेजी द्विभाषी रूप में जारी किया जाए तथा इस पर निरंतर निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे के प्रशिक्षण संस्थानों के समस्त पाठ्यक्रमों की विषय सामग्री हिंदी. अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होनी चाहिए एवं उनकी भाषा सहज एवं सुगम होनी चाहिए।

कार्यक्रम के प्रारंभ में महाप्रबंधक ने मुख्यालय की त्रैमासिक राजभाषा पत्रिका 'रेल संगम' के सामान्य प्रशासन एवं सतर्कता विभाग विशेषांक का विमोचन किया और राजभाषा में उत्कृष्ट कार्य के लिए रेलवे बोर्ड का व्यक्तिगत नकद पुरस्कार प्राप्त करने वाले एक अधिकारी और तीन कर्मचारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया।

 बैठक में मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी  जे सी एस बोरा ने राजभाषा के प्रयोग.प्रसार के लिए किए गए कार्यों और हासिल की गई उपलब्धियों से अवगत कराया। श्री बोरा ने बताया कि केंद्रीय सचिवालय हिन्दी परिषद द्वारा हिंदीतर भाषी कर्मचारियों के लिए अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित हिंदी टिप्पणी एवं प्रारूप लेखन और हिंदी निबंध प्रतियोगिता में उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के कर्मचारियों ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किए हैं|

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