गोरखपुर रेलवे स्टेशन परिसर में स्थापित हो महायोगी गुरु गोरखनाथ की भव्य आदमकद प्रतिमा : सांसद रवि किशन शुक्ला
गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने मंगलवार को संसद में कई प्रमुख मांगे उठाई। इन मांगो से ना सिर्फ गोरखपुर बल्कि कई प्रांतों के लोगों को फायदा होगा।
सांसद रवि किशन ने कहा कि मैं भारतीय रेल की अनुदान मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए इन मांगों का पूर्ण समर्थन करता हूँ। इस अवसर पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रेल मंत्री को भारतीय रेलवे के तीव्र आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और “विकसित भारत” के संकल्प के अंतर्गत भारतीय रेलवे आज नई ऊर्जा और नई दिशा के साथ आगे बढ़ रही है। आज रेलवे केवल परिवहन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार, उद्योग और रोजगार का एक मजबूत आधार बन चुकी है।
सांसद रवि किशन ने कहा कि भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है, जो प्रतिदिन करोड़ों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने का कार्य करती है। सरकार के प्रयासों से रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास, नई रेल लाइनों के निर्माण, दोहरीकरण, विद्युतीकरण तथा स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर अभूतपूर्व कार्य हो रहा है।वंदे भारत ट्रेन, अमृत भारत स्टेशन योजना, माल ढुलाई में वृद्धि तथा आधुनिक तकनीकों का प्रयोग भारतीय रेलवे को एक नए युग की ओर ले जा रहा है। रेलवे की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता भी लगातार बढ़ रही है
सांसद रवि किशन ने कहा कि मैं यह भी उल्लेख करना चाहूँगा कि वर्ष 2026–27 के रेल बजट में उत्तर प्रदेश के लिए लगभग ₹20,012 करोड़ का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। वर्तमान में राज्य में ₹92,000 करोड़ से अधिक की रेलवे परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इससे प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।इसी संदर्भ में मैं अपने क्षेत्र गोरखपुर तथा पूर्वांचल की जनता की कुछ महत्वपूर्ण मांगों को सदन के माध्यम से सरकार के समक्ष रखना चाहता हूँ।
गोरखपुर का रेलवे से ऐतिहासिक और प्रशासनिक महत्व रहा है। यहाँ उत्तर-पूर्व रेलवे का मुख्यालय स्थित है और गोरखपुर जंक्शन देश के प्रमुख तथा अत्यंत व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार तथा पड़ोसी देश नेपाल से बड़ी संख्या में यात्री गोरखपुर के माध्यम से देश के विभिन्न भागों में यात्रा करते हैं।
ये हैं प्रमुख मांगे
1. गोरखपुर से दिल्ली के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन प्रारंभ की जाए।
2. गोरखपुर से मुंबई के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई जाए, क्योंकि इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या बहुत अधिक है और पूर्वांचल के लाखों लोग रोजगार एवं व्यवसाय के लिए मुंबई आते-जाते हैं।
3. गोरखपुर से गोवा के लिए एक नई सुपरफास्ट ट्रेन प्रारंभ की जाए, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को पश्चिमी भारत से सीधा रेल संपर्क मिल सके।
5. गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की स्मृति में “शहीद गैलरी” का निर्माण किया जाए।
6. गोरखपुर रेलवे स्टेशन परिसर में महायोगी श्री गुरु गोरखनाथ जी की भव्य आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए, जिससे गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त हो सके।
गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का उल्लेख करते हुए सांसद ने कहा कि लगभग ₹498.97 करोड़ की लागत से इस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत नए स्टेशन भवन, आधुनिक एयर कोंकोर्स, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर तथा बेहतर यात्री सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिससे गोरखपुर स्टेशन को विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा सके।
यह परियोजना केवल एक स्टेशन का विकास नहीं है, बल्कि पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति देने वाली है।
सांसद ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा रेल मंत्री के कुशल मार्गदर्शन में भारतीय रेलवे निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित करती रहेगी। आज भारतीय रेलवे केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह भारत की आर्थिक शक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
रेलवे के क्षेत्र में हो रहे ये व्यापक सुधार और विकास कार्य देश के दूरदराज क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं और करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल क्षेत्र के लिए रेलवे की ये परियोजनाएँ विकास की नई संभावनाएँ लेकर आएँगी।
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