आशुतोष ब्रह्मचारी ने फिर दिया झूठा हलफनामा , खुद के जाल में फंस रहे: डॉ पीएन मिश्रा


प्रयागराज , (दिनेश तिवारी) जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अधिवक्ता डॉ पी एन मिश्रा ने कहा  कि शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद पर मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी अपने ही बुने जाल में फंसते जा रहे हैं। वह सफेद झूठ का पुलिंदा न्यायालय के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं।

जिला न्यायालय में सुनवाई के सिलसिले में स्वामी मुकुंदानंद गिरि के साथ प्रयागराज पहुंचे डॉ मिश्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शंकराचार्य की ओर से इनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने के लिए जल्द ही न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट में शपथ पत्र देकर शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद का पासपोर्ट जब्त  करने की गुहार लगाई है, ताकि वह विदेश न भाग सकें।

उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता डॉ मिश्र बोले. पहली बात कि शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद के पास कोई पासपोर्ट नहीं है। दूसरी बात धर्मशास्त्रों में धर्माधीश या शंकराचार्य को देश की सीमा के बाहर जाने पर निषिद्ध किया गया है। वह धर्म प्रचार के लिए विदेश नहीं जा सकते हैं , क्योंकि वह समुद्र को नहीं लांघ सकते हैं। अगर जाते हैं तो पतित घोषित हो जाएंगे। 1940 में विदेश यात्रा करने पर पुरी के शंकराचार्य को पतित घोषित किया जा चुका है। भारत का अंग होने के बावजूद शंकराचार्य पाकिस्तान तक नहीं जा सकते हैं क्योंकि वहां विधर्मियों का शासन है।

गौरतलब है कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से पॉक्सो कोर्ट प्रयागराज में दाखिल की गई अर्जी पर शुक्रवार को अलविदा नमाज की वजह से अदालत न बैठने से सुनवाई टल गई है| यहां दोपहर 2 बजे स्पेशल जज पॉक्सो विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में सुनवाई होनी थी| अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी| अगली सुनवाई पर वादी स्वामी मुकुंदानंद गिरी के अदालत में बयान दर्ज होंगे|

पॉक्सो कोर्ट में आशुतोष ब्रह्मचारी की तरफ से लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की गई है| स्वामी मुकुंदानंद गिरी ने यहां ट्रेन में हमले को भी झूठा मामला बताया है|

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