संवैधानिक पदों का सम्मान जरूरी, दलगत राजनीति से ऊपर उठें: मायावती


लखनऊ 08 मार्च (वार्ता) पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को उचित प्रोटोकाल न दिए जाने पर सियासत गर्म हो गई है। रविवार को सोशल मीडिया के जरिये प्रतिक्रिया देते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि भारतीय संविधान के आदर्शों और मान-मर्यादा के अनुसार सभी को राष्ट्रपति पद का सम्मान करना चाहिए और उनके प्रोटोकॉल का भी पूरा ध्यान रखना आवश्यक है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि इस पद का किसी भी प्रकार से राजनीतिकरण करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश की राष्ट्रपति एक महिला होने के साथ-साथ आदिवासी समाज से भी आती हैं। ऐसे में हाल ही में पश्चिम बंगाल में उनके दौरे को लेकर जो घटनाएं हुईं, वह नहीं होनी चाहिए थीं और यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सुश्री मायावती ने कहा कि पिछले कुछ समय से संसद में भी, विशेषकर लोकसभा अध्यक्ष के पद को लेकर जिस प्रकार का राजनीतिकरण किया जा रहा है, वह भी उचित नहीं है। सभी राजनीतिक दलों को संवैधानिक पदों का दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सम्मान करना चाहिए और उनकी गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि संसद का जो सत्र शुरू होने जा रहा है, वह देश और जनहित में सुचारू रूप से चले, यही जनता की अपेक्षा और समय की मांग है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रोटोकाल का मामला सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि वह राष्ट्रपति का सम्मान करती हैं, लेकिन अगर कोई 50 बार भी आए तो हर कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इस समय धरने पर बैठी हैं और जिस कार्यक्रम का जिक्र किया जा रहा है, उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।

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