एलपीजी सिलिंडर की बुकिंग भी मुश्किल, एजेंसियों के चक्कर काट रहे उपभोक्ता


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध का असर अब घरों के चूल्हे तक पहुंच चुका है। एलपीजी सिलिंडर का दाम बढ़ने के बाद बुकिंग में भी समस्या आ रही है। लोगों को सिलिंडर के  बुकिंग में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गैस एजेंसियों कार्यालय से सर्वर न चलने की समस्या बताई जा रही है।

      जिन लोगों ने एलपीजी सिलिंडर के दाम बढ़ने वाली तारीख यानी सात मार्च से एक या दो दिन पहले बुकिंग करवा ली थी, उन्हें बढ़े हुए दाम का संशोधित बिल तो मोबाइल पर मिल गया ,लेकिन सिलिंडर की डिलीवरी आसानी से नहीं हो पा रही है। वो भी एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। 

         गैस एजेंसी संचालकों के मुताबिक प्लांट से ही सिलिंडर की कम सप्लाई हो रही है। नए नियमों के मुताबिक घरेलू उपभोक्ताओं को सिलिंडर की सप्लाई में प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि व्यावसायिक सिलिंडर बहुत कम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नए नियम के तहत 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर उपलब्ध हो सकेगा।

      सिविल लाइंस स्थित रेस्टोरेंट के संचालक आर के सिंह ने बताया कि मंगलवार तक तो काम चल गया, लेकिन अब कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं उपलब्ध हो रहा है। गैस एजेंसी की ओर से दो दिन बाद सिलिंडर दिए जाने की बात कही जा रही है। एक स्थानीय निवासी देवेंद्र आर  ने बताया कि एलपीजी सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही है। गैस एजेंसी के कार्यालय में आकर पूछने पर सर्वर की दिक्कत बता रहे हैं। 

       मोहित मिश्रा, (मंडल महामंत्री )ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन ने बताया कि यह वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना और इस समय एलपीजी सिलिंडर की सप्लाई में नए नियम लागू किए गए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई आवश्यकता के मुताबिक की जा रही है। 

      महेंद्र गोयल ,प्रदेश अध्यक्ष कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्सने कहा कि एलपीजी गैस की किल्लत बढ़ती जा रही है। विवाह घर और होटल आदि में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर का ही उपयोग होता है। सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाना चाहिए ताकि जिनके यहां शादी हैए उन लोगों को परेशानी ना हो। 


 गौरतलब है कि झूसी के  त्रिवेणीपुरम स्थित गैस प्लांट से प्रयागराज समेत 11 जिलों में गैस सिलिंडर की आपूर्ति होती है। शहर व आसपास की 289 एजेंसियों में सिलिंडर की आपूर्ति यहीं से होती है। 100.110 ट्रकों से 35000 गैस सिलिंडर की रिफिलिंग कर प्रतापगढ़ , मिर्जापुर , सोनभद्र , जौनपुर , भदोही , एमपी चित्रकूट  शहरों में सप्लाई की जाती है। झूंसी गैस प्लांट के मैनेजर राजेश जौहरी ने बताया कि पटना , दुर्गापुर , मुजफ्फरपुर और मथुरा से टैंकर रोजाना आता है। एक दिन में 32 से 40 टैंकर खाली किया जाता है। 280 टन एलपीजी प्लांट के स्टोरेज टैंक में डाला जाता है। अभी तक एलपीजी को लेकर किसी तरह की समस्या नहीं है। हालांकिए जंग लंबी खिंची तो आने वाले दिनों में दिक्कत हो सकती है।

         पश्चिम एशिया के हालात के मद्देनजर पेट्रोल.डीजल व एलपीजी सिलिंडर की सुलभ उपलब्धता बनाए रखने के लिए आपूर्ति विभाग ने तीन टीम गठित की हैं। ये टीम जमाखोरी आदि पर निगरानी रखेंगी और शिकायत पर कार्रवाई करेंगी। जिला पूर्ति अधिकारी ने टीम को निर्देश दिए हैं कि होटल , रेस्टोरेंट , ढाबा , गैस एजेंसियों के गोदामों आदि में छापा व जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। टीम में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी , पूर्ति निरीक्षको, पेट्रोलियम कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजरए बाटमाप निरीक्षक को शामिल किया गया है। दो में सात.सात व एक टीम में आठ सदस्य हैं।

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