पानी का बढ़ता बाजार गुलामी का नया मार्ग : जलयोद्धा आर्य शेखर
प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी) पानी का बढ़ता बाजार कहीं ना कहीं भविष्य एवं आने वाली पीढियां के लिए एक कुठाराघात है परिणाम स्वरूप धीरे.धीरे इस कुचक्र में आज की आधुनिक पीढ़ी सहभागी होकर पानी के बाजार को ही बढ़ाने और फैलाने में ही लगा हुआ है वहीं जाने अनजाने कहीं ना कहीं पानी के बढ़ते बाजार के विरुद्ध सीएमपी डिग्री कॉलेज के जल साक्षरता अभियान द्वारा प्रत्येक वर्ष निशुल्क प्याऊ का शुभारंभ एक ठोस हथियार और अनुकरणीय उदाहरण बन रहा है ।
जल साक्षरता अभियान सीएमपी डिग्री कॉलेज केंद्रीय विश्वविद्यालय इलाहाबाद के तत्वाधान में मंगलवार को गंगा पोशाला , प्याऊ का शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रीय मां गंगा पोशाला प्याऊ के संयोजक जलयोद्धा आर्य शेखर ने कहा कि दुर्भाग्य ही है कि
जलदान को महादान बतलाया और प्याऊ लगाना पुण्य कार्य एवं संस्कार और परंपरा का विषय था । उन्होंने कहा जो जल देवता था आज वह बाजार की वस्तु बन गया है और जो कार्य सेवा और पुण्य का था वह लाभ हानि का बन गया । परिणाम स्वरूप पश्चिमी सभ्यता को अपनाकर आज हमने पूरे देश को आर वो वाटर का नशेड़ी बना डाला । जबकि जिस डब्ल्यूण् एच ओ की विश्वसनीयता पर इस नई पानी की तकनीक को देश में फैलाया गया वही आज आरो के पानी को कैंसर का मुख्य कारण बतलाया जा रहा है ।
उन्होंने कहा कि समय रहते हम सबको सचेत होने की आवश्यकता है अन्यथा हम स्वास्थ्य के साथ अपने जलाधिकार के अधिकार को भी खो देंगे। परिणाम स्वरुप पानी का बाजार गुलामी का नया रास्ता सिद्ध होगा । जिसके विरुद्ध विकल्प एवं हथियार के रूप में सिर्फ और सिर्फ प्याऊ और जल मंदिर ही सफल उदाहरण बन सकते
हैं ।
सीएमपी डिग्री कॉलेजए केंद्रीय विश्वविद्यालय इलाहाबाद के तत्वाधान में आज रसायन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ प्रमोद शर्मा ने कहा कि प्याऊ भारतीय सभ्यता संस्कृति एवं दर्शन की परिचायक है।
उन्होंने प्याऊ संचालन एवं सहयोग हेतु पंच परमेश्वर विद्यापीठ द्वारा किए जा रहे प्रयास को आज की आवश्यकता एवं सुखद भविष्य का सबसे बड़ा विकल्प बतलाया ।
इस अवसर पर सीएमपी डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर आरती गुप्ता ,संतोष श्रीवास्तव , प्रो अनिल कुमार शुक्ल , डॉक्टर दीपा श्रीवास्तव , डॉक्टर अकरम अली, डॉक्टर रंजीत , डॉक्टर डि के साहू, जल मित्र धीरज यादव ,अवधेश कुशवाहा ,रीता श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय अन्य सदस्य उपस्थित रहे
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