बार की गरिमा एवं अधिवक्ता मर्यादा के संरक्षण हेतु हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पांच अधिवक्ताओं की सदस्यता समाप्त की
प्रयागराज ( दिनेश तिवारी ) इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने संगठन की गरिमा , अधिवक्ता समाज की प्रतिष्ठा एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पांच अधिवक्ताओं के विरुद्ध कठोर एवं ऐतिहासिक कार्यवाही की है।
संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पाण्डेय के अनुसार ऋतेश श्रीवास्तव एवं उनके सहयोगियों के०के० यादव , दीपक शुक्ला , विवेक कुमार पाल तथा अनुज कुमार सेन की सदस्यता समाप्त किए जाने की पृथक- पृथक सूचना अध्यक्ष राकेश पाण्डेय वरिष्ठ अधिवक्ता एवं महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रेषित की गई।
उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा बार के सम्मानित पदाधिकारियों के विरुद्ध सोशल मीडिया माध्यमों पर अमर्यादित , आपत्तिजनक एवं मानहानिकारक टिप्पणियाँ की गईं , जिससे न केवल संस्था की गरिमा आहत हुई बल्कि अधिवक्ता समाज की मर्यादित परम्पराओं को भी ठेस पहुँची। इसके अतिरिक्त विगत दिवस आयोजित धरना.प्रदर्शन के दौरान आम जनमानस एवं अधिवक्ता परिवारों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा ऐसे कृत्य किए गए जो अधिवक्ता की गरिमा , शिष्टता एवं विधिक पेशे की नैतिक मर्यादाओं के प्रतिकूल पाए गए।
आम सभा में उपस्थित अधिवक्ताओं ने एक स्वर में ऐसे आचरण की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अधिवक्ता केवल विधि का ज्ञाता ही नहीं , बल्कि समाज में न्याय , संयम एवं मर्यादा का प्रतीक माना जाता है। अतः किसी भी परिस्थिति में व्यक्तिगत दुर्भावनाए अशोभनीय भाषा एवं सामाजिक शालीनता के विपरीत व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अनुशासनहीनता , मानहानिकारक गतिविधियों एवं संगठन विरोधी कृत्यों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर कार्य करेगा।
इसी क्रम में पुलिस आयुक्त ( पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज ) को भी एक पत्र प्रेषित कर स्वरूपरानी चिकित्सालय में दिनांक 20 मई को घटित घटना के संबंध में अधिवक्ता रिया खान द्वारा दर्ज कराई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर नामजद दोषी डॉक्टरों की गिरफ्तारी सुनिश्चित किए जाने तथा प्रकरण की जांच उच्चस्तरीय निगरानी में कराए जाने का अनुरोध किया गया।

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