भारत इनोवेट्स 2026 में 40 से अधिक स्टार्टअप्स को मिला निवेशकों का भरोसा
नयी दिल्ली, 16 जून (वार्ता) शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित 'भारत इनोवेट्स 2026' के दूसरे दिन निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों के बीच व्यापक संवाद में नवाचार को गति देना, तकनीकी साझेदारियों को मजबूत करना और डीपटेक समाधानों के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना उद्देश्य रहा।शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय स्टार्टअप्स और प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा विकसित अत्याधुनिक तकनीकों की प्रदर्शनी से हुई। इसमें जैव प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, उन्नत विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, गतिशीलता, अंतरिक्ष और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे क्षेत्रों की नवाचारपूर्ण तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
एशियन पेंट्स लिमिटेड के सह-प्रवर्तक एवं एंजेल निवेशक जलज दानी ने वैज्ञानिक नवाचार को बाजार की मांग, औद्योगिक साझेदारियों और दीर्घकालिक संस्थागत विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस दौरान आयोजित विभिन्न पैनल चर्चाओं में अंतरराष्ट्रीय उद्योग, निवेश और अनुसंधान जगत की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। चर्चा में जैव नवाचार, उन्नत विनिर्माण, अंतरिक्ष, रक्षा आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक निवेश जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने दीर्घकालिक निवेश, अंतरराष्ट्रीय सह-विकास और अनुसंधान से व्यावसायिक स्तर तक पहुंचने के मजबूत तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया।
मंत्रालय ने कहा कि दूसरे दिन का प्रमुख आकर्षण निवेशक-स्टार्टअप संवाद कार्यक्रम रहा। इसमें 80 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप्स ने अपने नवाचारों को 10 से अधिक देशों के 50 से ज्यादा वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों के परिणामस्वरूप 40 से अधिक स्टार्टअप्स को निवेशकों की ओर से आगे की चर्चा और संभावित निवेश के लिए औपचारिक प्रतिबद्धताएं प्राप्त हुईं, जिससे निवेश और साझेदारी की नई संभावनाएं खुलीं।
सम्मेलन के अंतिम दिन टेक्नोलॉजी पार्क और एक्सेलेरेटर, जलवायु प्रौद्योगिकियां, औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन, वैश्विक विस्तार रणनीतियां और दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारियों जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी, ताकि इस आयोजन के दौरान स्थापित नवाचार संबंधों को आगे बढ़ाया जा सके।

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