विश्व की सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा के लिए दिल्ली में जुटे रेलवे के क्षेत्र में काम करने वाली औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि
नयी दिल्ली 05 जून (वार्ता) माल ढुलाई के क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों,इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और विश्व की सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा के लिये रेलवे के क्षेत्र कार्यरत औद्योगिक इकाइयों के दिग्गज राष्ट्रीय राजधानी में जुटे हुए हैं।इस संबंध में भारतीय समर्पित माल-ढुलाई गलियारा निगम लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) और भारी-भरकम माल ढुलाई रेल अनुसंधान एवं विकास केंद्र (सीएचएसआरआरएंडडी) की ओर से भारत मंडपम में दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। 'बड़े पैमाने पर इंजीनियरिंग विश्वसनीयता: हेवी-हॉल रेलवे का अगला चरण' नाम से आयोजित इस संगोष्ठ की उद्घटना शुक्रवार को डीएफसीसीआईएल के महाप्रबंधक (एमडी) प्रवीण कुमार ने किया। इस संगोष्ठी में काफी संख्या में रेलवे के अधिकारी, नीति निर्माता, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, शोधकर्ता एवं नकनीकी अन्वेषक शामिल हुए, जिन्होंने हेवी-हॉल रेलवे का अगला चरण में उच्च क्षमता के संचालन में इंजीनियरिंग, रखरखाव और कृत्रिम बुद्धिमता को एक साथ लाने को लेकर विचारों के आदान-प्रदान किये।
संगोष्ठ के उद्घाटन सत्र के श्री कुमार ने के अलावा रेलवे बोर्ड के सचिव आर. मोहन राजा, रेलवे बोर्ड के प्रधान कार्यकारी निदेशक /कोचिंग सचिंदर मोहन शर्मा और अमेरिका के एमएक्सवी रेल की अध्यक्ष एवं मुख्यकारी अधिकारी (सीईओ) तथा इंटरनेशनल हेवी हॉल एसोसिएशन (आईएचएचए) की अध्यक्ष कारी गोंजालेस ने संबोधित किया। वक्ताओं ने अपने भाषण में माल ढुलाई रेल प्रणाली की अगली पीढ़ी को आकार देने में नवाचार, तकनीक, क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की अहम भूमिका पर जोर दिया।
इस दौरान तकनीकी संग्रह का अनावरण किया गया, जिसमें माल ढुलाई के क्षेत्र में दुनिया के बेहतरीन तौर-तरीकों को दिखाया गया है, जो भारी-भरकम माल ढोने वाले रेलवे परिचालन की अगली पीढ़ी को आकार देने में मदद करेंगे।इस संगोष्ठी में शामिल हुए प्रतिनिधि दो दिनों तक नयी तकनीक, अवसंरचना सुधा, परिचालन दक्षता और टिकाऊ माल ढुलाई की गतिशीलता पर जानकारी के आदान-प्रदान करेंगे।
इस मौके पर श्री कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बताया, "आज से शुरू हुई इस दो दिवसीय संगोष्ठी का मुख्य उदेश्य रेलवे के क्षेत्र में काम करने वाली इकाइयों को एक मंच पर लाना और एक-दूसरे की नवीनतम तकनीकों के बारे में रूबरू होकर इस क्षेत्र का नया आकार देना है।" उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया में सिर्फ सात से आठ देशों में ट्रेन भारी माल का परिवहन करती है, जिनमें भारत, अमेरिका, स्वीडन, चीन, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश शामिल हैं। अन्य देशों में ट्रेन भारी माल को लेकर नहीं चलती हैं।
उन्होंने बताया कि ट्रेनों के जरिये भारी माल को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा और माल ढुलाई की लागत को कम करने के उदेश्य से डीएससीसीएल का बनानया गया था। उन्होंने कहा, "इस संगोष्ठी में विशेषज्ञ लोग आए हुए हैं, वे अंतरराष्ट्रीय तकनीकों के बारे में अपने विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इस संगोष्ठी में हम अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को भारत में रेलवे के क्षेत्र में हुईं प्रगतियों के बारे में जानकारी देंगे।"

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