बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर योगी ने दी श्रद्धाजंलि
लखनऊ, 9 जून (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शासन के अन्याय के विरुद्ध जनजातीय स्वाभिमान को नई ऊर्जा और ‘उलगुलान’ के अमर उद्घोष से भारत के स्वाधीनता संघर्ष को नई दिशा देने वाले ‘धरती आबा’ का जीवन त्याग, तप और राष्ट्रनिष्ठा से आलोकित है, जो भारत के लिए अमर प्रेरणा है।योगी ने याद दिलाया कि आदिवासी समुदाय बिरसा मुंडा को ‘धरती आबा’ यानी धरती के पिता कहता था। उनके चमत्कारी और प्रभावशाली व्यक्तित्व के कारण लोग उन्हें ईश्वर का दूत मानते थे। बिरसा मुंडा ने न केवल बाहरी शोषण का विरोध किया, बल्कि आदिवासी समाज के भीतर व्याप्त कुरीतियों और भ्रम को भी दूर करने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा ने बिना आधुनिक हथियारों के, केवल तीर-कमान के सहारे अंग्रेजों का सामना किया। उन्होंने आदिवासियों के प्राकृतिक अधिकारों – जल, जंगल, जमीन – की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनके आंदोलन ने यह संदेश दिया कि प्रकृति से जुड़ा जीवन ही आदिवासी अस्मिता की पहचान है।
बिरसा मुंडा ने समाज सुधारक के रूप में भी अहम भूमिका निभाई। योगी ने कहा कि उन्होंने लोगों को ईसाई मिशनरियों के धर्म परिवर्तन के दबाव से बचाया और आदिवासियों को अपने धर्म, परंपरा और संस्कृति पर गर्व करना सिखाया। उनका मानना था कि सांस्कृतिक पहचान बचेगी तभी समुदाय मजबूत रहेगा।
बिरसा मुंडा ने लगान यानी कर न चुकाने का आंदोलन चलाकर अंग्रेजी सत्ता को सीधी चुनौती दी। उन्होंने आदिवासियों को ‘अपना देश, अपना राज’ का नारा दिया, जिसने पूरे छोटानागपुर क्षेत्र में स्वाभिमान की लहर पैदा कर दी। उनका ‘उलगुलान’ आंदोलन बाद में भारत के स्वतंत्रता संग्राम के लिए प्रेरणा बना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन आज भी यह सिखाता है कि अन्याय के सामने झुकना नहीं, बल्कि अपनी जमीन, संस्कृति और स्वाभिमान के लिए डटकर खड़ा होना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार आदिवासी गौरव और विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
.jpg)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें