अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का मामला कोर्ट पहुंचा
प्रयागराज, (दिनेश तिवारी ) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पुत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से प्रसारित अश्लील व मानहानिकारक सामग्री के मामले में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव ने एसीजेएम न्यायालय में प्रार्थनापत्र दाखिल कर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेशचंद्र यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मामले की जांच रिपोर्ट मांगी और अगली सुनवाई के लिए 18 जून की तिथि तय की है।
सपा नेता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्लाह और विनीत विक्रम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता ( बीएनएसएस) की धारा 173 ( 4 ) के तहत न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स से अखिलेश यादव और उनकी के खिलाफ अश्लील , अपमानजनक , मानहानिकारक और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री प्रसारित की गई।
प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि संबंधित पोस्ट और टिप्पणियां न केवल व्यक्तियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली हैं , बल्कि समाज में दुर्भावना और तनाव का माहौल भी उत्पन्न कर सकती हैं। याचिका में ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उनके संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर अंकुश की मांग
अधिवक्ताओं ने न्यायालय में कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने के प्रयासों पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाने से सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद एसीजेएम न्यायालय ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट तलब कर ली है। न्यायालय ने पुलिस को मामले के तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए 18 जून की तिथि निर्धारित की गई है।

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