संगठन का आधार सत्संग जिसके माध्यम से समाज और संगठन का जुड़ाव होता है:मिलिंद परांडे

 


 प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी) विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत ,केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे  ने कहा कि संगठन का आधार सत्संग है जिसके माध्यम से समाज और संगठन का जुड़ाव होता है।

        परिषद शिक्षा वर्ग के चतुर्थ दिवस पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि संगठन की गतिविधियों को चलाने के लिए कार्यकर्ताओं का चयन करते समय चरित्रवान , निष्ठावान , संस्कार युक्त होना चाहिए ।

      केंद्रीय संगठन महामंत्री ने कहा कि कार्यकर्ता के चयन के समय हम सबको इन भावों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए , हिंदू संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के अनेक देशों में कार्य कर रहा है  यह संगठन हिंदू समाज की सभी मत , पंथ , संप्रदायों को एक कर , समाज के सभी वर्गों में कार्य कर रहा है । हिंदू समाज का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं होगा जहां संगठन का कार्य न हो रहा हो।

      कार्यकर्ताओं को संगठन की रीति और नीति से अवगत कराते हुए उन्हें संगठन के कार्यों के विषय में जानकारी देना , संगठन के प्रति उनके भाव समर्पण को देखते हुए उन्हें संगठन से जोड़ना , यह एक अच्छे कार्यकर्ता पदाधिकारी का लक्षण होता है । संगठन का आधार सत्संग है जिसके माध्यम से समाज और संगठन का जुड़ाव होता है। उन्होंने कहा कि  सत्संग वह माध्यम है जहां पर समाज के लोगों का एकत्रीकरण एक निश्चित समय पर होता है। सत्संग समाज और संगठन के बीच सेतु का कार्य कार्यकर्ता  हैं । 

       उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में समाज की सहभागिता हो यह भाव हमें रखना चाहिए ,आज संगठन के माध्यम से सेवा के अनेक कार्य जिसमें सेवा शिक्षा , रोजगार प्रशिक्षण , संस्कार युक्त शिक्षा , गौशाला, वेद विद्याला लाखों की संख्या में एकल विद्यालय , स्वास्थ्य की दृष्टि से अनेक औषधालय , अनेक सामाजिक आयोजनों में संगठन के कार्यकर्ताओं की स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं में सहयोग करना है । लोगो को धर्मांतरण, लव जिहाद के खिलाफ समाज में जागरण, मंदिरों के अधिग्रहण एवं हिंदू समाज के मान बिंदुओं के प्रहार के विषयों पर आंदोलन में समाज की भूमिकाए समाज के लोगों की सहभागिता हो, यह भाव एक कर्तव्य निष्ठ कार्यकर्ता का लक्षण है  ।

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