होम्योपैथी पर जिम्मेदार विमर्श करने और भ्रामक बयानों से बचने की अपील
नयी दिल्ली, 10 जून (वार्ता) राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) ने होम्योपैथी और पंजीकृत होम्योपैथ चिकित्सकों के संबंध में जिम्मेदार एवं तथ्यपरक विमर्श की अपील करते हुए सभी हितधारकों, मीडिया संस्थानों और आम जनता से भ्रामक, निराधार तथा अपमानित करने वाले बयान देने से बचने का आग्रह किया है।आयोग के अध्यक्ष डॉ. तारकेश्वर जैन ने बुधवार को कहा कि होम्योपैथी एक कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धति है, जिसे राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग अधिनियम, 2020 के तहत मान्यता प्राप्त है। उन्होंने कहा कि पंजीकृत होम्योपैथ निर्धारित शैक्षणिक और प्रशिक्षण मानकों के अनुरूप अभ्यास करने के लिए अधिकृत हैं।
उन्होंने कहा कि किसी चिकित्सक के आचरण से संबंधित शिकायतों का समाधान स्थापित वैधानिक और नियामक तंत्र के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि पूरे पेशे के खिलाफ सामान्यीकृत आरोप लगाकर। आयोग ने चेतावनी दी कि होम्योपैथी और उसके चिकित्सकों के खिलाफ निराधार, भ्रामक या मानहानिकारक बयान फैलाने वालों के विरुद्ध आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती

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