विधायक विनय प्रकाश को राहत , चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कुशीनगर के रामकोला विधानसभा क्षेत्र से 2022 में निर्वाचित विधायक विनय प्रकाश गोंड को  राहत देते हुए उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका खारिज कर दी है।

       न्यायमूर्ति नीरज तिवारी की एकल पीठ ने यह आदेश दिया है। 

               राधा चरन ने विनय प्रकाश गोंड के विधायक चुने जाने के खिलाफ उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विधायक ओबीसी वर्ग से संबंध रखते हैं, जबकि उन्होंने अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र प्राप्त कर रामकोला की सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ा।

       याची ने दावा किया कि प्रमाणपत्र धोखाधड़ी से हासिल किया गया है। इसी आधार पर उनके निर्वाचन को निरस्त किया जाना चाहिए। विधायक की ओर से कहा गया कि उनका जाति प्रमाणपत्र सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी किया गया है। आज तक किसी सक्षम समिति ने उसे निरस्त नहीं किया है।

       प्रमाणपत्र की वैधता से संबंधित शिकायत जिला स्तरीय स्क्रूटनी समिति के समक्ष लंबित है। इसलिए जब तक समिति अंतिम निर्णय नहीं दे देती , तब तक प्रमाणपत्र वैध माना जाएगा।

        उच्च न्यायालय ने कहा कि किसी उम्मीदवार के जाति प्रमाणपत्र की वैधता या उसकी सत्यता पर निर्णय देने का अधिकार चुनाव न्यायाधिकरण के पास नहीं है। यह अधिकार केवल राज्य सरकार की ओर से गठित सक्षम जाति सत्यापन समितियों को प्राप्त है। इन्हीं तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर उच्च न्यायालय ने चुनाव याचिका निराधार मानते हुए खारिज कर दी।

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