सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से हटाना तानाशाही, शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करे केंद्र: अजय राय


लखनऊ, 18 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ बताया है।

उन्होंने नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।
श्री राय ने शनिवार को कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा नीट परीक्षा सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक के विरोध में चलाए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत देशभर में छात्रों और युवाओं की आवाज उठाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने पुलिस बल के जरिए जबरन अनशन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक और तानाशाहीपूर्ण कदम है।
उन्होने कहा कि कांग्रेस सरकारों के दौरान कभी भी शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकारें लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक छात्रों और युवाओं के हित में अनशन कर रहे थे। सरकार को उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए था और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए थी। इसके बजाय सरकार ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करते हुए उन्हें बलपूर्वक अनशन से हटवा दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का रवैया ब्रिटिश शासन से भी अधिक दमनकारी है। उन्होंने केंद्र से मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।

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