डॉ श्यामा प्रसाद ने बंगाल को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने का किया था विरोध


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) के संस्थापक डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी अखंड भारत के स्वप्न दृष्टा थे और वह अंग्रेजों ने पूरे बंगाल को पाकिस्तान में देने की साजिश रची थी , जिसका विरोध श्याम प्रसाद ने किया था।

    मुख्यमंत्री दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को वाराणसी पहुँच यमुना बैंक रोड पर प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज संयोग है कि उनकी 125वीं जयंती पर केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और पश्चिम बंगाल में भी भाजपा की सरकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कमल सत्ता का कमल नहीं , बल्कि सुरक्षा , समृद्धि और सुशासन का कमल है।

  श्री योगी ने कहा कि डॉ ल मुखर्जी ने पंडित जवाहर लाल नेहरू की तुष्टीकरण की नीति का विरोध करते हुए उनकी कैबिनेट से त्यागपत्र दे दिया था। स्वतंत्र भारत के बाद बनी पहली कैबिनेट में हर दल के नेता को मंत्री बनाया गया था। हिंदू महासभा कोटे से श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंत्री बने थे।  नेहरू सरकार ने देश की भावनाओं के विरुद्ध तुष्टीकरण की नीति पर चलकर जब अखंडता के विपरीत आचरण किया तो उसका श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने खुलकर विरोध किया और नेहरू मंत्रिमंडल से त्याग पत्र दे दिया था।

  उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को पूरा करने का कार्य कर रहे हैं। डॉ  मुखर्जी ने एक देश में दो निशान संविधान का विरोध किया था। उनके सपनों को पूरा करते हुए मोदी ने कश्मीर से धारा 370 हटाने का कार्य किया। आज कश्मीर उसी तरह से भारत का एक राज्य है जैसे अन्य राज्य हैं।

   इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य , प्रभारी मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह , कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी , महापौर गणेश केसरवानी , सांसद प्रवीण पटेल , विधायकगण सिद्धार्थनाथ , हर्षवर्धन बाजपेयी , दीपक पटेल और पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी समेत बड़ी संख्या में विधायक ,  नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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