नीट पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन आसानी से शांत होने वाला नहीं: सलीम शेरवानी


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) ​पूर्व समाजवादी पार्टी (सपा) नेता सलीम शेरवानी ने  मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में नीट  पेपर लीक विवाद, छात्र आंदोलन और सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। 

     उन्होंने स्पष्ट किया कि नीट पेपर लीक को लेकर उपजा विवाद और छात्रों का यह आंदोलन आसानी से शांत नहीं होने वाला है, क्योंकि देश के युवाओं का अब प्रधानमंत्री की बातों पर से भरोसा उठ चुका है। इस आंदोलन को आगे बढ़ाने वाले युवाओं ने बहुत तकलीफें झेलने के बाद यह कड़ा कदम उठाया है।

​       सरकार पर अविश्वास और सिस्टम की विफलता

​सलीम शेरवानी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 14 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने केवल बड़े-बड़े दावे किए हैं, लेकिन ज़मीन पर एक भी वादा पूरा नहीं किया गया है। ऐसे में छात्र सरकार पर भरोसा कैसे कर सकते हैं? जो सरकार सिस्टम में पारदर्शिता और सफाई लाने के बड़े-बड़े दावे करती है, वह अपने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तक दिलवाने में असमर्थ रही है, ऐसे में उससे किसी भी प्रकार की त्वरित या निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद करना बेमानी है।

        ​उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं और पेपर्स लीक होते आ रहे हैं, जिससे कई निर्दोष छात्रों ने अपनी जान गंवा दी है। जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान भी छात्रों की शहादत हुई है, जो प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी नाकामी को दर्शाता है।

       ​​इस छात्र आंदोलन के बीच एक सकारात्मक पहलू पर बात करते हुए शेरवानी ने खुशी जताई कि इस आंदोलन ने देश में एक बार फिर से पुरानी 'गंगा-जमुनी तहज़ीब' और भाईचारे की मिसाल पेश की है। इसमें देश के सभी धर्मों और समुदायों के लोग एकजुट होकर छात्रों का समर्थन कर रहे हैं, और गुरुद्वारे तथा अन्य धार्मिक स्थल सभी की मदद के लिए आगे आए हैं।

  सपा नेता ने कहा कि किसी अधिकारी का ट्रांसफर कोई सज़ा नहीं होती है। केवल अधिकारियों को इधर-उधर हटाने या बदलने से व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आने वाला, जब तक कि शीर्ष स्तर पर बैठे लोग जिम्मेदारी लेने की इच्छाशक्ति न दिखाएं।

​​  एक सवाल के जवाब में श्री शेरवानी ने इसे "बहुत बड़ा झूठ" करार दिया। उन्होंने कहा कि भले ही पाकिस्तान भारत का विरोधी देश है, लेकिन जब-जब देश के भीतर कोई आंतरिक व्यवस्था या सरकार की नाकामी उजागर होती है, तब-तब सरकार को पाकिस्तान की याद आने लगती है। पाकिस्तान की ऐसी कोई क्षमता नहीं है जो भारत की आंतरिक व्यवस्था को इस तरह प्रभावित कर सके; असली समस्या देश के भीतर मौजूद प्रशासनिक विफलता है।​उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह से कंधे से कंधा मिलाकर छात्रों के साथ खड़ी है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे प्रमुख विपक्षी नेताओं ने भी इस मामले में कड़ा विरोध जताते हुए छात्रों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया है।

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