डीएचएस ने मेडिकल कॉलेज के एनआरसी और गाइनी विभाग को किया सम्मानित
गोरखपुर। जिले की जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (गाइनी डिपार्टमेंट) को बुधवार को सम्मानित किया। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ धर्मेंद्र कुमार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने मोमेंटो देकर दोनों विभागों को सम्मानित किया।
एनआरसी की तरफ से बाल रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ अनिता मेहता ने, जबकि गाइनी डिपार्टमेंट की तरफ से विभागाध्यक्ष डॉ रूमा सरकार ने यह सम्मान प्राप्त किया। कुपोषित बच्चों के इलाज व प्रबंधन में मेडिकल कॉलेज का एनआरसी, राज्य स्तर से हाल ही में सम्मानित हो चुका है। वहीं मातृ सेवा कार्यक्रम के तहत बीआरडी मेडिकल कॉलेज उत्कृष्ट भूमिका निभा रहा है।
सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि समुदाय स्तर से आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आरबीएसके टीम जिन अति कुपोषित बीमारी बच्चों की पहचान कर चिकित्सक के माध्यम से बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्थित एनआरसी भेजते हैं, उनका पूरी तत्परता से इलाज किया जाता है। इस केंद्र की सेवाएं काफी बेहतर रही हैं और बड़ी संख्या में यहां से बच्चे सुपोषित होकर घर गये हैं। केंद्र पर कॉलेज की ओपीडी से भी कुपोषित बच्चे भर्ती किए जाते हैं। कुपोषण के इलाज व प्रबंधन में केंद्र की उत्कृष्ट भूमिका को देखते हुए राज्य स्तर से इसे सम्मानित किया जा चुका है। केंद्र द्वारा स्वास्थ्य विभाग को दिए जा रहे अहम सहयोग के लिए डीएचएस ने भी इसे सम्मानित किया है।
सीएमओ डॉ झा ने बताया कि गोरखपुर के नवाचार मातृ सेवा कार्यक्रम के तहत सैकड़ों अति गंभीर गर्भवती और प्रसूता के जीवन की रक्षा में बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने अहम भूमिका निभाई है। कॉलेज द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अनुरोध पर त्वरित रिस्पांस किया जाता है। इसे देखते हुए स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एसीएमओ आरसीएच डॉ विनय पांडेय, डीपीएम पंकज आनंद, जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता डॉ सूर्य प्रकाश, सहयोगी संस्थाओं से डॉ डब्लू कुमार पांडेय और श्रद्धा प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
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