जिला महिला अस्पताल से डीएम ने दिया छह माह तक सिर्फ स्तनपान का संदेश
गोरखपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान जिला महिला अस्पताल में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम में गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के जन्म से लेकर छह माह तक सिर्फ स्तनपान कराए जाने का संदेश दिया। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि मां का दूध ही बच्चे का पहला टीका होता है। जन्म से लेकर छह माह की आयु तक बच्चे को मां के दूध के अलावा कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान मौजूद गर्भवती और धात्री महिलाओं को स्तनपान की महत्ता के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने छोटे बच्चों के बीच खिलौने भी वितरित किए।
विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान जिला महिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि जानकारी के अभाव में लोग बच्चों को शहद और पानी जैसी चीजें भी दे देते हैं, जबकि छह माह तक सिर्फ मां का दूध ही बच्चे को दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके प्रति लोगों तक सम्पूर्ण संदेश पहुंचाना ही ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य होता है।
जिला महिला अस्पताल के कार्यवाहक प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ एके झा ने अपने सम्बोधन में कहा कि ऐसा देखा गया है कि जो माताएं बच्चों को स्तनपान कराती हैं उनमें स्तन कैंसर की आशंका कम होती है। इस तरह स्तनपान न सिर्फ शिशु के लिए बल्कि मां के लिए भी बेहद लाभदायक है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने कहा कि जन्म के तुरंत बाद यथाशीघ्र स्तनपान, छह माह तक सिर्फ स्तनपान और छह माह से दो वर्ष तक सिर्फ स्तनपान के साथ पूरक आहार का संदेश जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर मौजूद लोगों को स्तनपान की महत्ता के बारे में संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में जिला अस्पताल के कार्यवाहक प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ ओपी सिंह, जिला महिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ जय कुमार, जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ बीके सुमन और वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ अजय देवकुलियार सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक और यूनिसेफ संस्था के प्रतिनिधिगण भी मौजूद रहे।
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