आईटीआई को उद्योगों से जोड़कर युवाओं के रोजगार अवसर बढ़ाने पर जोर
लखनऊ, 20 अगस्त ( वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि उद्योगों की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण विकसित किए जाएं तथा अप्रेंटिसशिप एवं कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाए, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास को रोजगार के साथ वैश्विक अवसरों से भी जोड़ा जाए। आईटीआई और उद्योगों के बीच निरंतर संवाद की व्यवस्था करने के साथ प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर नियमित रोजगार मेलों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने युवाओं को आधुनिक कौशल के साथ भाषा प्रशिक्षण देकर वैश्विक रोजगार के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया।
योगी ने सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (सीआईआईआईटी) केंद्रों की समीक्षा करते हुए गोरखपुर, मुजफ्फरनगर और बरेली के केंद्रों का संचालन शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन्हें आधुनिक तकनीक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 150 राजकीय आईटीआई के उन्नयन का कार्य चल रहा है, जबकि 62 अन्य आईटीआई के उन्नयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। उद्योगों के सहयोग से 37 राजकीय आईटीआई में उन्नत कौशल प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने अनुदेशकों की उपलब्धता को प्रशिक्षण की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने चयनित अनुदेशकों को नियमित नियुक्ति में उनके अनुभव एवं कार्य के आधार पर वेटेज देने का प्रावधान करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि 2,406 अनुदेशक पदों पर चयन हो चुका है और 2,200 से अधिक चयनित अनुदेशक कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षणार्थियों को कार्यस्थल पर हिंदी की आधिकारिक शब्दावली और प्रयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।
जापान और जर्मनी में कुशल जनशक्ति की मांग को देखते हुए विदेशी भाषाओं का डिजिटल प्रशिक्षण शुरू करने के लिए कंपनियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री ने जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के बच्चों और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ऐसे परिवारों के 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के 9.52 लाख युवाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, जिनमें 1.44 लाख पात्र पाए गए हैं। इनमें 8,746 युवाओं का प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण हो चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से 21.13 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया और 12.94 लाख युवाओं को सेवायोजन मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण की सफलता का आकलन केवल प्रशिक्षण की संख्या से नहीं, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के परिणामों से किया जाना चाहिए। उन्होंने आधुनिक कौशल, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी कौशल केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।

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