महंगी चीनी और एथनॉल नीति पर अजय राय ने मोदी को लिखा पत्र, तत्काल निर्णय की मांग
लखनऊ, 25 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने महंगी चीनी और एथनॉल मिश्रित ईंधन की नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने एथनॉल मिश्रित ईंधन नीति के वैज्ञानिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और उपभोक्ता हितों से जुड़े पहलुओं की स्वतंत्र समीक्षा कराने तथा चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए तत्काल ठोस निर्णय लेने की मांग की है।प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में श्री राय ने कहा कि सात जुलाई को उन्होंने एथनॉल मिश्रित ईंधन की नीति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत पत्र भेजा था। इसमें ई-20, ई-85 और ई-100 ईंधन की नीति की स्वतंत्र समीक्षा, इसके आर्थिक प्रभाव और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की मांग की गई थी।
उन्होंने कहा है कि भारतीय उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित रखने के लिए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को महंगी चीनी से मुक्त करने का आग्रह किया गया था।
श्री राय ने कहा कि एथनॉल नीति के पक्ष में सरकार का सबसे बड़ा तर्क पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना है।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024-25 में पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण 19.24 प्रतिशत तक पहुंच चुका है और 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में नीति आगे बढ़ी है लेकिन अब सरकार द्वारा 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दिए जाने से नीति के वास्तविक आर्थिक प्रभाव पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि घरेलू स्तर पर चीनी की कमी के कारण आयात की जरूरत पड़ रही है तो एथनॉल उत्पादन, घरेलू चीनी की कीमतों और चीनी आयात से होने वाले विदेशी मुद्रा व्यय का वास्तविक लेखा-जोखा जनता के सामने स्पष्ट किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद केंद्रीय खाद्य मंत्री की ओर से इस संबंध में पर्याप्त जिम्मेदारी नहीं दिखाई गई है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की एथनॉल नीति और मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन के कम-मिश्रण वाले ईंधन को फिर से उपलब्ध कराने के सुझाव का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर ही एथनॉल मिश्रण को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं, इसलिए इस नीति की व्यापक और स्वतंत्र समीक्षा आवश्यक है।
श्री राय ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि एथनॉल नीति के साथ-साथ देश में चीनी की बढ़ती कीमतों पर भी ठोस निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों और पर्वों का मौसम शुरू होने वाला है और ऐसे समय में चीनी की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से जनहित में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की।

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