झूठे और अप्रमाणित बयान बंद कर प्रदेश की असली समस्याओं पर ध्यान दें योगी: अजय राय
लखनऊ, 27 अगस्त ( वार्ता) उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुले पत्र के माध्यम से निशाना साधते हुए उनके धार्मिक और जातिगत बयानों पर सवाल उठाए हैं।श्री राय ने कहा है कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए व्यक्तिगत और राजनीतिक विरोधियों पर आरोप लगाने के बजाय उन्हें प्रदेश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। राय ने पत्र में कहा कि अयोध्या में दर्शन के बाद उनके द्वारा मछली की दावत उड़ाने और माफिया के सामने थर-थर कांपने का आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि यह सत्य है कि वह मांसाहारी हैं और जिस कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति का उल्लेख किया गया, वह निषाद समाज के निमंत्रण पर आयोजित कार्यक्रम था। कार्यक्रम के बाद भोजन किया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि यदि उन्हें इसमें कुछ गलत लगता है तो वे प्रमाण सामने लाएं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पांच दिन पहले चुनौती दी थी कि आरोपों का प्रमाण जनता के सामने रखा जाए और प्रमाण नहीं दे पाने पर वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके मातृ संगठन की राजनीति जनता देख रही है कि आरोप लगाने के बाद प्रमाण मांगने पर चुप्पी साध ली जाती है।
अजय राय ने माफिया के सामने डरने के आरोप पर कहा कि उनके भाई स्वर्गीय अवधेश राय की हत्या के बाद उन्होंने किसी माफिया के सामने सिर नहीं झुकाया। वह करीब 32 वर्षों से न्याय के लिए अदालतों में लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2021 और सितंबर 2025 में उनकी सुरक्षा वापस ली गई, लेकिन न तो वह डरे और न ही न्याय की लड़ाई से पीछे हटे।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आखिर वह लगातार ऐसे उग्र और व्यक्तिगत बयान किस आधार पर देते हैं। राय ने याद दिलाया कि 2007 में सांसद रहते हुए योगी आदित्यनाथ स्वयं अपनी सुरक्षा के सवाल पर भावुक हुए थे और सरकार से न्याय की मांग की थी। उन्होंने पूछा कि सत्ता में आने के बाद क्या उन्हें यह महसूस नहीं होता कि मुख्यमंत्री के शब्दों की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, कमजोर वर्गों पर अत्याचार, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों और नौजवानों की समस्याएं, बिजली व्यवस्था तथा सड़कों से जुड़े कई सवाल हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार और दलितों, पिछड़ों तथा अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय की शिकायतें भी जनता उठा रही है। उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब विज्ञापनों से नहीं, जमीन पर काम से मिलेगा।
श्री राय ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वह झूठे और अप्रमाणित बयानबाजी बंद कर मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के लिए करनी है तो पद की गरिमा के लिए इस्तीफा देना बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि केवल भगवा वस्त्र पहन लेना संत का आचरण सिद्ध नहीं करता। संत के जीवन में सत्य, संयम, करुणा और शांति होनी चाहिए।
उन्होने कहा कि यदि भगवा छोड़कर राजनीतिक व्यक्ति के रूप में सच्चे अर्थों में जनसेवा की जाए तो यह मुख्यमंत्री और प्रदेश दोनों के लिए बेहतर होगा।उन्होंने पत्र के अंत में कहा कि सत्य, संयम और सुशासन से ही उत्तर प्रदेश का भला होगा।

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