केंद्रीय चिकित्सालय, उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज में आधुनिक सर्जरी की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) केंद्रीय चिकित्सालय उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज ने आधुनिक एवं जटिल शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए बिना टांके के आंतो को जोड़ने का कार्य किया।

         31 वर्ष की ममता मौर्या पिछले तीन माह से अधिक समय से पेट के रास्ते मल त्यागने को मजबूर थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विस्तृत परीक्षण एवं मूल्यांकन के उपरांत आंतों को आपस में जोड़ने का निर्णय लिया गया। जटिल ऑपरेशन के दौरान आधुनिक * सर्कुलर स्टेपलर * तकनीक का उपयोग करते हुए " एंड तो एंड कोलोरेक्टल 

अनास्तोमोसिस"  सफलतापूर्वक किया गया। इस प्रक्रिया से आंत की निरंतरता पुनः स्थापित हुई और मरीज को पेट  के रास्ते  मल त्यागने से मुक्ति मिली। खास बात यह है कि स्ट्रेपलर तकनीक में कोई भी टांके का उपयोग नहीं होता है

          केंद्रीय चिकित्सालय उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज में सर्कुलर स्टेपलड मेथड इनटेस्टिनल अनास्तोमोसिस का यह पहला सफल ऑपरेशन है, जो अस्पताल की बढ़ती हुई आधुनिक सर्जिकल क्षमताओं और विशेषज्ञता का महत्वपूर्ण प्रमाण है।

          इस जटिल एवं अत्याधुनिक सर्जरी का नेतृत्व मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज के सर्जरी के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं ऑनरेरी विजिटिंग कंसल्टेंट सर्जन डॉ शबी अहमद तथा प्रयागराज के वरिष्ठ एवं प्रख्यात रेलवे सर्जन डॉ संजय कुमार ने संयुक्त रूप से दिनांक 24 अगस्त26 को रेलवे हॉस्पिटल में किया गया । यह ऑपरेशन करीब 4 घंटे तक चला। मरीज ने जब अपने सामान्य रास्ते के गुरुवार को मल त्याग किया तब चिकित्सा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। मरीज की हालत एकदम स्थिर है और जल्दी ही मरीज की छुट्टी की जाएगी। सर्जिकल टीम में हाउस सर्जन डॉ सौरभ कुमार मौर्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

        इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर चिकित्सा निदेशक डॉ संजीव कुमार हंडू एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ सुरेंद्र नाथ ने पूरी सर्जिकल, एनेस्थीसिया ओटी एवं नर्सिंग टीम को हार्दिक बधाई दी।

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