उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक का पूरा कुनबा और साम्रज्य ढह गया


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) पूर्व सांसद और बाहुबली अतीक अहमद ने भले ही प्रयागराज और उसके बाहर अपना साम्राज्य खड़ा कर रखा था लेकिन बहुजन समाज पार्टी नेता राजू पाल की हत्या (25 जनवरी 2005) के मुख्य गवाह रहे उमेश पाल हत्या ( 24 फरवरी 2023) के बाद उसका पूरा कुनबा और साम्राज्य रेत की दीवार की तरह ढह गया।

         माफिया से नेता बने अतीक अहमद का पूरा परिवार उमेश पाल की हत्या के बाद से एक एक सीढ़ी विनाश की कगार की तरफ धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।अतीक अहमद, भाई अशरफ और उसके दो बेटों की मौत, पत्नी शाइस्ता परवीन, भाई की पत्नी जैनब फातिमा ,  बहन आयशा नूरी को फरारी का जीवन जीना पड़ रहा है। बहनोई भी जेल में बंद है। शाइस्ता परवीन पर 50 हज़ार और जैनब पर 25 हज़ार और नूरी पर भी 25 हजार बक इनाम घोषित है।

             अतीक का नाम और उसका साम्राज्य कुछ समय के बाद एक कहानी बनकर रह जायेगी। अकूत सम्पतियों का मालिक अतीक के जीवित रहते हाथ से निकलनी शुरु हो गई थी। अब तक उसके साम्राज्य का बड़ा हिस्से शासन पर प्रशासन का कब्जा हो चुका है। अतीक का पूरा साम्राज्य और कुनबा रेत की दीवार की तरह ढह गया।

      अतीक अहमद के पांच बेटो में सबसे बड़ा उमर , दूसरा बेटा अली ,तीसरा असद , चौथा बेटा अहजम और पांचवा सबसे छोटा अबान ।जिसमे तेसरे बेटे असद की एसटीएफ के साथ झांसी में मुठभेड़ में मौत और अबान की गुरुवार भर में सड़क दुर्घटना में मौत। अमर और अली जेल में जबकि चौथा बेटा अहजम फिलहाल  बाहर  है  और पढ़ाई कर रहा है।

          अतीक अहमद के पांचों बेटों की शान से कटने वाली जिंदगी पिछले कुछ वर्षों में पूरी तरह बदल गई। कभी शहर के प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ने वाले अतीक के पांचो बेटे आज अलग.अलग कानूनी मामलों , जेल और हादसों के कारण चर्चा में हैं। उमेश पाल हत्याकांड के बाद परिवार के लगभग सभी सदस्य पुलिस और जांच एजेंसियों के रडार पर आए। चकिया से स्कूल जाने वाले अतीक के पांचों बेटे अलग.अलग रास्तों पर चले गए। एक की मुठभेड़ में मौत हुई। दो जेल में हैं। दो छोटे बेटों को परिवार और कानूनी परिस्थितियों के बीच अपना जीवन आगे बढ़ाना पड़ा। पिछले तीन वर्षों में अतीक परिवार की कहानी लगातार बड़े घटनाक्रमों से जुड़ी रही है। अतीक की पत्नी शाइस्ता भी उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार है। पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।

      अतीक का सबसे बड़ा बेटा उमर अहमद शुरुआती दौर में पढ़ाई में तेज बताया जाता था। परिवार के अनुसार,  वह आईएएस बनने की बात करता था। बाद में उसने कानून की पढ़ाई की। उमर का नाम कारोबारी से जुड़े एक मामले में सामने आया। उस पर अपहरण मारपीट और रंगदारी जैसे आरोप लगे। सीबीआई ने भी मामले की जांच की। वर्तमान में उमर लखनऊ जेल में बंद है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक परिवार पर कार्रवाई तेज हुई तो उमर भी जांच के दायरे में आया।

      अतीक का दूसरा बेटा अली है। उसका नाम भी कई आपराधिक मामलों में सामने आया। अली के खिलाफ रंगदारी और धमकी समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हैं। उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्रवाई में अली भी घिरा। वर्तमान में वह झांसी जेल में बंद है। आबान की मौत के बाद उसकी मिट्टी में शिरकत करनेबके लिए उमर और अली को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से पैरोल मिल गई है।

        अतीक का तीसरे नंबर का बेटा असद था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसका नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया। पुलिस के अनुसार असद इस मामले में वांछित था। 13 अप्रैल 2023 को झांसी में एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में असद और शूटर गुलाम मारे गए थे। असद की मौत के दो दिन बाद 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस अभिरक्षा के दौरान अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई थी।

      अहजम अतीक का चौथे नंबर का बेटा है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसे और उसके छोटे भाई आबान को पुलिस ने चकिया इलाके में पकड़ लिया था। दोनों नाबालिग होने के कारण बाल संरक्षण गृह भेजे गए थे। करीब सात महीने तक वहां रहे। बाद में न्यायालय के आदेश पर दोनों को उनकी बुआ परवीन कुरैशी की देखरेख में सौंप दिया गया। अहजम फिलहाल परिवार के बाहर मौजूद सदस्यों में शामिल है और पढ़ाई कर रहा है।

      आबान अतीक का सबसे छोटा बेटा था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद उसे भी बाल संरक्षण गृह भेजा गया था। बाल गृह से बाहर आने के बाद वह बुआ परवीन कुरेशी के घर हटवा में रहा। सितंबर 2025 में वह नैनी जेल में बंद भाई अली से मुलाकात के दौरान चर्चा में आया। इसके बाद नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक रील को लेकर धूमनगंज थाने में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। छह अगस्त गुरुवार की सुबह  झांसी में सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई।

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