उत्तर प्रदेश चुनाव,2027: प्रत्याशियों के चयन की कसौटी पर काम शुरू कर दिया है सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने
विद्या शंकर राय
लखनऊ, 31 अक्टूबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी (वार्ता) ने प्रत्याशियों के चयन की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टिकट के दावेदारों की राजनीतिक ताकत और चुनावी संभावनाओं को परखने के लिए 11 वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार ये नेता अपने प्रभाव वाले विधानसभा क्षेत्रों में जाकर राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों का आकलन करेंगे और अपनी रिपोर्ट पार्टी के प्रदेश मुख्यालय को सौंपेंगे। इन सूत्रों की मानें तो सपा मुख्यालय की ओर से वरिष्ठ नेताओं को पत्र भेजकर उनके कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। इन नेताओं को संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में जनता के बीच जाकर संभावित प्रत्याशियों की लोकप्रियता, संगठन में उनकी सक्रियता और चुनाव जीतने की क्षमता का आकलन करना है। उन्हें इसके साथ ही क्षेत्र के मतदाताओं की प्राथमिकताओं, स्थानीय मुद्दों और जातीय समीकरणों की भी जानकारी जुटानी होगी।
सपा के एक पदाधिकारी ने कहा कि यह कवायद 2027 के चुनाव के लिए सपा प्रत्याशियों के चयन कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें देखा जाएगा कि टिकट के दावेदारों का जनाधार उनके दावों से कितना मेल खाता है।
पार्टी यह भी आकलन कर रही है कि मतदाताओं के बीच सरकार और विपक्ष को लेकर क्या धारणा है तथा मतदान किन मुद्दों पर प्रभावित हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि सपा पर लंबे समय से यादव केंद्रित राजनीति करने का आरोप लगता रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव ने इस बार गैर यादव पिछड़े वर्ग के प्रभावशाली नेताओं को आगे रखकर भाजपा के ओबीसी वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति बनाई है।
सपा की रणनीति में दलित मतदाताओं को साधने पर भी विशेष जोर है। अयोध्या की फैजाबाद लोकसभा सीट से 2024 में जीत दर्ज करने वाले अवधेश प्रसाद दलित राजनीति में सपा का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत अन्य क्षेत्रों में मुस्लिम-दलित सामाजिक समीकरण को मजबूत करना चाहती है।
राष्ट्रीय लोकदल के भाजपा के साथ जाने के बाद सपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट-मुस्लिम-दलित समीकरण को मजबूत बनाए रखना चाहती है। उस क्षेत्र में जाट और किसान मतदाताओं के बीच पकड़ मजबूत करने के प्रयास में सांसद हरेंद्र मलिक को मान दिया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में सपा की यह कवायद केवल टिकट के दावेदारों की छंटनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए पार्टी चुनाव से पहले अपने सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय संगठन की मजबूती का भी परीक्षण करना चाहती है।
इस बीच पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और प्रवक्ता राजीव राय ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी पूरी तैयारी में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और इसका ट्रेलर एमएलसी चुनाव में जनता दिखा चुकी है। सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।

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