जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत 692 सड़क सुरक्षा कार्यों को मंजूरी, छह महीने में अधिकांश काम पूरे करने का लक्ष्य
लखनऊ, 15 अक्टूबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए 48 जिलों में खतरनाक चौराहों, अंधे मोड़ों, टी-जंक्शनों और दुर्घटना संभावित स्थलों का सुधार किया जाएगा।लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत इन जिलों में सड़क सुरक्षा से जुड़े 692 कार्यों को मंजूरी दी है। इन कार्यों पर करीब 125.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग ने अधिकांश कार्य अगले छह महीने में पूरे करने का लक्ष्य रखा है। योजना का उद्देश्य सड़कों पर दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों को दूर करना और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करना है।
इसके तहत सड़क अभियांत्रिकी में सुधार, खतरनाक स्थानों की दोबारा रूपरेखा तैयार करने और आवश्यक मरम्मत के साथ यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आपातकालीन आघात देखभाल की व्यवस्था भी योजना का हिस्सा है।
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता (विकास) एके द्विवेदी के मुताबिक, चयनित जिलों में सड़कों के विभिन्न हिस्सों पर दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर सुधार कार्य कराए जाएंगे। चौराहों और तिराहों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। अंधे मोड़ों और टी-जंक्शनों पर सड़क की स्थिति के अनुसार सुधार तथा पुनर्रचना का काम होगा, ताकि वाहन चालकों को सामने से आने वाले यातायात और सड़क की स्थिति का बेहतर अनुमान मिल सके।
पीडब्ल्यूडी के अनुसार अंबेडकरनगर, सुलतानपुर, आजमगढ़, फर्रुखाबाद, इटावा, बदायूं, बरेली, सिद्धार्थनगर, मिर्जापुर, बुलंदशहर, अयोध्या, बाराबंकी, औरैया, अमेठी, आगरा, फिरोजाबाद, बहराइच, प्रयागराज, शाहजहांपुर, रामपुर, चंदौली, वाराणसी, बांदा, बलरामपुर, फतेहपुर, लखनऊ, सीतापुर, भदोही, गाजियाबाद, जौनपुर, मुजफ्फरनगर, सोनभद्र, कुशीनगर, रायबरेली, बिजनौर, गाजीपुर, मैनपुरी, कानपुर देहात, गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, ललितपुर, उन्नाव, हापुड़, प्रतापगढ़, अमरोहा, कन्नौज और झांसी में ये कार्य कराए जाएंगे।
विभाग की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, अधिकांश कार्य छह महीने के भीतर पूरे कराने की योजना है। इन सुधारों से दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हादसों में होने वाली मौतों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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