गांव की बहनें बन रहीं हैं आत्मनिर्भरता की आधारशिला: योगी
लखनऊ, 14 अक्टूबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की चतुर्थी पर मां कूष्मांडा के चरणों में श्रद्धा निवेदित करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।उन्होंने मां कूष्मांडा को सृजन, ऊर्जा और समृद्धि का सनातन प्रतीक बताते हुए कहा कि जिस समाज में नारी को शक्ति और अवसर मिलता है, वहां अभाव परिश्रम में, परिश्रम आत्मनिर्भरता में और आत्मनिर्भरता समृद्धि में बदलती है।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को एक्स पर लिखा, " उत्तर प्रदेश की महिलाएं अब केवल विकास योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता और नए भारत की भाग्य विधाता बन रही हैं।"
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले महिलाओं के लिए अवसरों और संसाधनों की कमी थी तथा सरकार के स्तर पर भी उनके सशक्तीकरण के लिए अपेक्षित नीति और इच्छाशक्ति का अभाव था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही है। बीसी सखियां गांवों में बैंकिंग सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी बनकर काम कर रही हैं, जबकि लखपति दीदियां आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान के रूप में उभर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने खेती में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल में ड्रोन दीदियों की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका, उद्यमिता और कृषि आधारित रोजगार के अवसरों का विस्तार हो रहा है।
उन्होने कहा कि महिलाओं की भूमिका अब परिवार की समृद्धि तक सीमित नहीं है। वे गांव की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का नेतृत्व करने में भी भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक मजबूती प्रदेश की समग्र प्रगति से जुड़ी है। गांव की महिलाएं जब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त होंगी, तभी उत्तर प्रदेश को सही मायने में समृद्ध और सशक्त बनाया जा सकेगा।
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