खान एकेडमी से गणित-विज्ञान में दक्ष बनेंगी कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राएं
लखनऊ, 21 अक्टूबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश सरकार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़कर गणित और विज्ञान में उनकी दक्षता बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में खान एकेडमी के डिजिटल मंच के माध्यम से छात्राओं को नियमित अभ्यास और विषयगत कौशल विकसित करने का अवसर दिया जा रहा है।सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, खान एकेडमी की एक से 15 अक्टूबर तक की मध्य-माह प्रदर्शन रिपोर्ट में प्रदेश के 96 प्रतिशत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के इस मंच पर पंजीकृत होने की जानकारी दी गई है। इन विद्यालयों की 80,078 छात्राओं ने पंजीकरण कराया है, जबकि 66,996 छात्राओं ने अपने खाते सक्रिय कर लिए हैं। इनमें से 30,503 छात्राओं ने निर्धारित मासिक लक्ष्य का कम से कम 50 प्रतिशत हासिल किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जनपदवार प्रदर्शन में सहारनपुर, गाजियाबाद और खीरी की छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है। सहारनपुर में 92 प्रतिशत, गाजियाबाद में 89 प्रतिशत और खीरी में 81 प्रतिशत छात्राओं ने निर्धारित मासिक लक्ष्य का कम से कम 50 प्रतिशत पूरा किया। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक छात्रा को गणित और विज्ञान में कम से कम चार-चार कौशलों में दक्षता हासिल करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए छात्राओं को प्रोफिशिएंट/मास्टर्ड स्तर तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिजिटल मंच के माध्यम से छात्राएं नियमित अभ्यास कर अपनी विषयगत समझ मजबूत कर सकती हैं।
प्रदेश सरकार का कहना है कि खान एकेडमी जैसे डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल से छात्राओं को आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी शैक्षिक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। विद्यालयों में शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास के जरिए छात्राओं को निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शिक्षण संसाधनों के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। खान एकेडमी के माध्यम से गणित और विज्ञान में उनकी दक्षता विकसित करने की पहल बालिका सशक्तीकरण को नई दिशा देगी।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि खान एकेडमी के माध्यम से छात्राओं को गणित और विज्ञान के कौशल विकसित करने के लिए डिजिटल अभ्यास का अवसर मिल रहा है। प्रयास है कि विद्यालयों में इस मंच का प्रभावी उपयोग हो और अधिक से अधिक छात्राएं निर्धारित शिक्षण लक्ष्यों को हासिल करें।
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