प्राइवेट डॉक्टर बने निक्षय मित्र, पांच टीबी उपचाराधीन मरीजों को गोद लिया
गोरखपुर। जिले में निक्षय मित्र बनने के लिए प्राइवेट डॉक्टर्स भी आगे आ रहे हैं। इसी कड़ी में डॉक्टर नजीबुल्लाह खान द्वारा बृहस्पतिवार को अपने क्लिनिक में पांच टीबी उपचाराधीन मरीजों को गोद लिया गया। इन सभी मरीजों को डीटीओ डॉ संतोष श्रीवास्तव की मौजूदगी में पोषण पोटली दी गई। डीटीओ ने बताया कि टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी देखभाल व इलाज में मदद करने वालों को निक्षय मित्र कहते हैं।
डीटीओ डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि सीएमओ डॉ राजेश झा के दिशा-निर्देशन में जिले में इस समय करीब 3081 निक्षय मित्र 20893 टीबी उपचाराधीन मरीजों को गोद लेकर उनकी देखभाल में मदद कर रहे हैं। निक्षय मित्र को स्वेच्छा से हर माह टीबी उपचाराधीन मरीजों को पोषण पोटली देनी होती है। मरीज का हालचाल लेना होता है ताकि उसकी दवाएं बीच में बंद न हों। निक्षय मित्र टीबी उपचाराधीन मरीजों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने में भी मदद कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय समय पर निक्षय मित्रों को सम्मानित भी किया जा रहा है।
डीटीओ ने बताया कि जिले में पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्रा और मिर्जा आफताब बेग की मदद से निजी क्षेत्र के चिकित्सकों को भी निक्षय मित्र बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे कई निजी चिकित्सक निक्षय मित्र बन कर टीबी उपचाराधीन मरीजों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब चिकित्सक निक्षय मित्र बनते हैं और वह मरीज को कोई सलाह देते हैं तो इसके प्रभावकारी परिणाम सामने आते हैं। साथ ही चिकित्सक के निक्षय मित्र बनने से समाज के अन्य वर्ग भी इस स्वैच्छिक दायित्व के प्रति आकर्षित होते हैं। डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि कोई भी व्यक्ति या संस्था स्वेच्छा से निक्षय मित्र बन कर टीबी उन्मूलन में मदद कर सकते हैं।

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