अदालत से तथ्य छिपाने में याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपए का जुर्माना ठोंका


प्रयागराज,(दिनेश तिवारी) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने और अदालत से तथ्य छिपाने के मामले में याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

      याचिकाकर्ता ओमेंद्र यादव ने एक ही मामले में पहले से याचिका लंबित होने की जानकारी छिपाकर दूसरी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। अदालत ने दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया।

   न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की डिविजन बेंच ने जुर्माने की रकम एसएसपी बरेली को देने का आदेश दिया है।  एक महीने के अंदर याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपए का जुर्माना जमा करना होगा।

      न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता की इस चालाकी के कारण एसएसपी बरेली अनुराग आर्य को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ी। उन्हें अदालत की अनुचित नाराजगी का भी सामना करना पड़ा। इस पर न्यायालय ने खेद जताते हुए याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया।

  न्यायालय ने निर्देश दिया कि जुर्माने के रूप में वसूल की जाने वाली पूरी रकम एक महीने के अंदर एसएसपी बरेली को सौंपी जाए। निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर इसे राजस्व के बकाए की तरह वसूल किया जाएगा। इसके साथ ही अदालत ने दोनों बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं पूरी तरह खारिज कर दीं।

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