राम को काल्पनिक बताने वालों को जनता ने इतिहास के कूड़ेदान में डाल दिया : योगी


 पीलीभीत, 03 नवंबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि आस्था भारत की सबसे बड़ी ताकत है। जो लोग भगवान राम को काल्पनिक बताते थे और सनातन धर्म का अपमान करते थे, उन्हें जागरूक जनता ने इतिहास के कूड़ेदान में डाल दिया है।

पीलीभीत के बीसलपुर तहसील क्षेत्र स्थित नूरानपुर गांव में श्रीराम कथा महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे योगी ने नूरानपुर स्थित श्रीशिव गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया और ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ जी महाराज की पुण्य स्मृति में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के समापन अनुष्ठान में हिस्सा लिया। उन्होंने कथाव्यास अंजनी शरण महाराज का सम्मान किया और कथा श्रवण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।
करीब 32 मिनट के संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधताओं के बावजूद एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। नाथ परंपरा और संत समाज ने विपरीत परिस्थितियों में भी समाज को संगठित रखने का काम किया है। संतों का त्याग समाज की असली ढाल है। काशी, अयोध्या और देवीपाटन समेत देशभर से आए साधु-संतों की मौजूदगी ने इस धरती को महाकुंभ जैसा बना दिया है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि प्रभु श्रीराम अब अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो चुके हैं। रामलला को टेंट से निकालकर भव्य मंदिर में विराजमान कराने का कार्य किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों में रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां चलाई जाती थीं, जबकि अब उन पर पुष्पवर्षा होती है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम भारत की आस्था के साथ सांस्कृतिक संप्रभुता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक हैं। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण देश के सांस्कृतिक नवजागरण का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब-जब समाज जाति, क्षेत्र और स्वार्थ की संकीर्ण दीवारों में बंटा है, तब-तब विदेशी आक्रांताओं ने हमारी आस्था पर प्रहार किया है। भारत को विश्व गुरु बनाना है तो जातिवाद के जहर को खत्म कर सनातन एकता की ताकत को पहचानना होगा।
दीपोत्सव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि छोटी दीपावली पर अयोध्या में जलने वाले प्रत्येक दीप का प्रकाश जीवन को जीवंत बनाएगा और उत्तर प्रदेश तथा देश के विकास का कारक बनेगा। उन्होंने काशी, मथुरा, वृंदावन, गोला और नाथ नगरी बरेली का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी स्थानों पर अब धर्म की पताका फहरा रही है और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
योगी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा पांच हजार साल पुरानी परंपरा है और आज भी लाखों श्रद्धालु इसका श्रवण करते हैं। श्रीराम कथा के पीछे उसके वास्तविक उद्देश्य और सकारात्मक संदेश को समझना जरूरी है। श्रद्धावान व्यक्ति को ही ज्ञान की प्राप्ति संभव है।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में अमन-चैन नहीं था। अब गरीबों को मुफ्त राशन, आवास और जरूरत की अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 12 बजे नूरानपुर स्थित शिव मंदिर के पास बनाए गए हेलीपैड पर उतरा। कार्यक्रम में योगी हनुमान नाथ, प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, विधायक विवेक वर्मा और बाबूराम पासवान, स्वामी प्रवक्तानंद, राकेश मिश्रा अनावा, विधान परिषद सदस्य सुधीर गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य और संजीव प्रताप सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बरेली मंडलायुक्त शंभू कुमार और डीआईजी अजय कुमार साहनी ने जिलाधिकारी आलोक कुमार तथा पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के साथ कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग, पेयजल, साफ-सफाई और आपातकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

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